एक ऋषि की रहस्यमय कहानी, जिसने आजीवन किसी स्त्री को नहीं देखा
एक ऋषि की रहस्यमय कहानी, जिसने आजीवन किसी स्त्री को नहीं देखा ऋष्यश्रृंग ऋषि की कहानी ऋष्यश्रृंग ऋषि की कहानी – भारत में ऋषि – मुनियों को बहुत ही आदर सम्मान से देखा जाता है, हमारे देश में ऋषि – मुनियों को लेकर बहुत ही चमत्कारिक रहस्य रहे हैं जिन्हें कई सदियों से लोग मानते आ रहे हैं। आज हम एक ऐसे ही ऋषि की बात करने वाले हैं जिनकी कहानी अपने आप में बेहद रहस्यमय है। यह घटना है एक ऐसे ऋषि की जिसने अपने जीवन में कभी भी किसी स्त्री को नहीं देखा था और जब देखा तो उनका वो अनुभव बेहद अजीब था। यह कहानी है ऋष्यश्रृंग की जिन्होंने अपने जीवनकाल में लिंगभेद जैसी कोई भी चीज महसूस नहीं की। कौन थे ऋष्यश्रृंग ऋष्यश्रृंग विभांडक ऋषि के पुत्र और कश्यप ऋषि के पौत्र थे। पुराणों के अनुसार विभांडक ऋषि के कठोर तप से देवता कांप उठे थे और उनकी समाधि तोड़ने और ध्यान भटकाने के लिए उन्होंने स्वर्ग से उर्वशी को उन्हें मोहित करने के लिए भेजा। उर्वशी के आकर्षक स्वरूप की वजह से विभांडक ऋषि की तपस्या टूट गई। दोनों के संसर्ग से ऋष्यश्रृंग का जन्म हुआ। ऋष्यश्रृंग के माथे पर एक सींग थी अतः उनका नाम ऋष्यश्रृंग पड़ा ...